Hindi Diwas 2020

हिंदी भाषा नहीं भावों की अभिव्यक्ति है,
यह मातृभूमि पर मर मिटने की भक्ति है।
यह भारतीयों के लिए गर्व का क्षण था जब हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। हिंदी भाषा जन-जन की भाषा के रुप में जाना जाता है। बता दे कि हिंदी का इतिहास १००० साल पुराना है। भारत देश आज़ाद होने के पश्चात १४ सितंबर १९४९ को संविधान सभा द्वारा यह निर्णय लिया गया कि हिंदी देश की राजभाषा होगी । यही कारण है कि हर साल १४ सितंबर को हिंदी दिवस के रुप में मनाया जाता है और इस सप्ताह को हिंदी-पखवाड़ा कहा जाता है। इस दिन कार्यालयों एवं स्कूलों में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और इस दिन को यादगार बनाने की कोशिश जाती है। द्वारका इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने भी हिंदी दिवस हर्षोंल्लास से मनाया एवं विभिन्न गतिविधियों द्वारा सबको हिंदी पर गर्व करने को एक बार फिर मजबूर कर दिया ।


INTERNATIONAL BIOLOGICAL DAY CELEBRATION


Dwarka International school has celebrated International day for biological Diversity on 22nd May. Students from class VI to XII have participated enthusiastically . They wrote slogans on the topic ‘Our solution is in nature’. Students also presented speech and shared their thoughts with their fellow classmates . Students showed great interest in understanding the role of biodiversity and the relationship between nature and human beings. Teachers have shared documentaries about biodiversity and sustainable development . Over all It was a great online session and students understood the importance of preservation of Mother Nature.

Mother’s Day Celebration through Virtual Class

“जो भी मैं हूँ या होने की उम्मीद है ,
मैं उसके लिए अपनी प्यारी माँ का कर्ज़दार हूँ।”
—— ‘अब्राहम लिंकन ‘
‘मातृ – दिवस’ के अवसर पर द्वारका इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने विभिन्न कार्यकलापों एवं गतिविधियों द्वारा माँ को वंदन एवं नमन किया ।कक्षा नौवीं के विद्यार्थियों ने जहाँ अपनी कविताओं ,भाषण ,नाट्य- प्रस्तुति एवं गीतों द्वारा सभी को आत्मविभोर किया ,वहीं कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने माँ के साथ के कुछ पलों को साझा किया एवं आजीवन उनके सम्मान को बरकरार रखने की प्रतिज्ञा ली। सातवीं के विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृतियों द्वारा माँ के सम्मान एवं उनके सानिध्य को रंगों से सजा कर कलात्मक रूप से प्रस्तुत किया।